हर्ष सैनी (हरिद्वार) जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कारगिल शहीद एवं शहीद सैनिकों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहीदों को नमन किया तथा शहीदों के याद में 2 मिनिट का मौन रख कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर ने जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित शहीद सैनिकों की वीर नारियों,उनके परिजनों, भूतपूर्व सैनिकों एवं कार्यक्रम में सभी उपस्थित अधिकारियों, कार्मिकों, छात्र छात्राओं, एनसीसी कैडेटों का कार्यक्रम में पहुंचने पर उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज हम कारगिल विजय दिवस की 27 वी वर्षगांठ मना रहे है इस दिन हमारे जाबांज सैनिकों ने दुश्मन देश के सैनिकों को खदेड़ते हुए युद्ध में विजय हासिल की थी। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हमारे वीर सैनिकों ने अदम्य साहस एवं बहादुरी का परिचय देते हुए विजय हासिल की तथा इस युद्ध में प्रदेश के 75 सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, ऐसे वीर जवानों को एवं उनके माता पिता को शत शत नमन है। मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि सैनिक विषम कठिन परिस्थितियों में सीमा पर तैनात होकर देश की रक्षा के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन निस्वार्थ भाव से कर रहे है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों की वीर नारियों सीमा पर तैनात सैनिकों के परिजनों तथा देश के रक्षा में तैनात रहे भूतपूर्व सैनिकों की कोई भी समस्या है तो वह जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से प्रेषित कर सकते है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सैनिको एवं भूतपूर्व सैनिको की समस्याओं को तत्परता से निराकरण किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया जिसमें तथा देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जनपद के 08 वीर शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं उनके परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। Post Views: 35 Post navigation पेपर लीक पर आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने एडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से किया संवाद, हरिद्वार के 20 माय भारत स्वयंसेवकों ने एनआईसी वीसी कक्ष से लिया भाग