हर्ष सैनी (हरिद्वार) हरिद्वार – रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हरिद्वार में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का उत्साह देखने को मिला। जिला न्यायालय में युवा अधिवक्ता शैली धीमान ने रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित न रखते हुए समाज की हर बेटी की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य से जोड़ने का संदेश दिया। शैली धीमान ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब हम देश की प्रत्येक बेटी की सुरक्षा के साथ-साथ उसे शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के समान अवसर देने का संकल्प लें। उन्होंने कहा, “आइए इस रक्षाबंधन पर हम बेटियों को आगे बढ़ाने का प्रण लें और देश की हर बेटी को सुरक्षा व सम्मान का वचन दें।”

उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन, सेना, राजनीति और व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। जरूरत है कि समाज बेटियों के प्रति अपनी सोच को और सकारात्मक बनाए तथा उन्हें अपनी प्रतिभा और सपनों को पूरा करने के लिए पूरा सहयोग दे।

शैली धीमान ने सभी अभिभावकों और समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, उनके आत्मविश्वास को मजबूत करें और उन्हें अपने भविष्य के फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि रक्षा का वचन केवल एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर प्रयास होना चाहिए। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहां हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानित हो।

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